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Achook Upayam

चाहें सुख तो करें उपाय
 
किसी भी कठिन समस्या से उभरने के लिए कोई आपको बता दें कोई युक्ति या विधि उसका नाम है उपाय, उपायों के द्वारा प्रकृति प्रदत्त या अपने अशुभ कर्मों से प्राप्त हुए दुःख, संकट, रूकावट को दूर करके चुटकियों में कार्यसिद्धि संभव है I हर दुःख की घडी में आपका साथी है उपाय, आज की इस भागदौड़, आपाधापी, आर्थिक अस्थिरता, रोगयुक्त जीवन में पल- पल आवश्यकता है उपाय की I आईये आप किसी भी संकट की घडी में, किसी भी कार्यपूर्ति के लिए, किसी भी इच्छा को लेकर कहीं भी खड़े होँ पाइये एक सरल सा उपाय, वो भी मात्र एक फोनकाल से, शुल्क भी कार्य सिद्धि के बाद.......... पलक झपकते ही अपनी समस्या का पाइये एक आसन सा उपाय...... वो भी मात्र एक फोनकाल में
 
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समस्याएं जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है I यह समस्याएं सदियों पूर्व से व्यक्ति के साथ-साथ चल रही हैं I तब इनसे मुक्ति के लिए व्यक्ति विभिन्न प्रकार के उपायों का सहारा लिया करता था तथा इनसे पर्याप्त लाभ भी मिलता था I वर्तमान में भी यह समस्याएं बनी हुई हैं जो व्यक्ति को जीवन के हर क्षेत्र में अत्यधिक प्रभावित कर रही हैं I इनसे बाख पाना असंभव है लेकिन आज इनसे बचने की राह तलाशता व्यक्ति अकसर धन और मानसिक शांति लुटाकर लौटता है I पहली बार पाठकों को इन समस्याओं से मुक्ति प्राप्त करने के लिए सामान्य उपायों से परिचित कराया जा रहा है जो अत्यंत प्रभावी सिद्ध होते हैं I यह उपाय आज भी उतने ही प्रभावी हैं जितने की पहले हुआ करते थे I इन उपायों को व्यक्ति अपनी सुविधानुसार करके अपने दुखों एवं समस्याओं से मुक्ति प्राप्त कर लाभ उठा सकता है I 

धन प्राप्ति के सामान्य उपाय


  • जिस घर में नियमित रूप से अथवा प्रत्येक शुक्रवार को श्रीसूक्त अथवा श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ होता है, वहां माँ लक्ष्मी का स्थाई वास होता है I 
  • प्रत्येक सप्ताह घर में फर्श पर पुचा लगाते समय थोडा समुद्री नमक अवश्य मिला लिया करें I ऐसा करने से घर में होने वाले झगडे कम होते हैं और सारी नकारात्मक उर्जा समाप्त हो जाती है I 
  • प्रात: उठकर सबसे पहले गृहलक्ष्मी यदि मुख्य द्वार पर एक लोटा जल डाले तो माँ लक्ष्मी कि कृपा प्राप्त होती है I
  • यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में सुख शांति बनी रहे और आर्थिक रूप से समर्थ रहे तो प्रत्येक अमावस्या को पूरे घर कि पूर्ण सफाई करवाएं I जितना भी फालतू सामान इकठ्ठा हुआ हो उसे कबाड़ी को बेच दें I सफाई के बाद पाँच अगरबत्ती घर के मंदिर में लगायें I 
  • प्रत्येक पूर्णिमा को हवन करना चाहिए I 
  • यदि आपके पूजा काल में कोई मेहमान आता है तो यह बहुत शुभ होता है I उस मेहमान को जलपान आवश्य करवाएं I यदि सांयकाल कि पूजा में कोई सुहागन स्त्री आती है तो आपका बहुत ही सौभाग्य है I आप यह समझें कि आपके घर में माँ लक्ष्मी का प्रवेश हो चुका है I 
  • एक महीने में कभी भी उपले पर थोडा सा लौबान रखकर उसके धुंएं को पूरे घर में घुमायें I ऐसा दो या तीन बार करें I 
  • घर में नमक कभी किसी खुले डिब्बे में न रखें I 
  • कभी भी किसी को दान दें तो उसे घर कि देहली में अन्दर न आने दें I दान घर कि देहली के अन्दर से ही करें I
  • आप जब भी घर वापिस आयें तो कभी खाली हाथ न आयें I यदि आप बाजार से कुछ लाने कि स्थिति में नहीं हैं तो रस्ते से एक कागज का टुकड़ा ही उठा लायें I 
  • घर के जीतने भी दरवाजे होँ उनमें समय- समय पर तेल आवश्य ही डालते रहना चाहिए I उनमें से किसी भी प्रकार कि कोई आवाज नहीं आनी चाहिए I 
  • यदि नियमित रूप से घर कि प्रथम रोटी गाय को तथा अंतिम रोटी कुत्ते को दें तो आपके भाग्य के द्वार खुलने से कोई नहीं रोक सकता I 
  • घर के मध्य स्थान में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए I 
  • प्रत्येक गुरुवार को केले के वृक्ष पर सादा जल अर्पित कर घी का दीपक तथा शनिवार को पीपल के वृक्ष में दूध, गुड मिला जल व सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें I 
  • आर्थिक वृद्धि के लिए आप सदैव शनिवार के दिन गेहूँ पिसवायें तथा गेहूँ में एक मुट्ठी काले चने अवश्य मिला दें I 
  • घर में पूजा करते समय रुई के स्थान पर मौली का प्रयोग करें क्योंकि माँ लक्ष्मी को लाल रंग अधिक प्रिय है I 
  • जब भी आप रुपय गिनें तो उसमें कभी भी थूक का प्रयोग न करें क्योंकि रुपय माँ लक्ष्मी का स्वरुप है I 
  • यदि आप आर्थिक रूप से बहुत ही परेशान हैं तो आप 21 शुक्रवार को 9 वर्ष से कम आयु कि पाँच कन्याओं को खीर व मिश्री का प्रसाद बाटें I
  • कभी भी घर में दोनों समय झाड़ू न लगायें I 
  • यदि किसी शुक्रवार को कोई सुहागिन स्त्री आती है तो उसका अवश्य ही सम्मान कर जलपान करायें I 
  • आप जब भी बैंक में धन जमा करवाएं तो उस समय मन ही मन लक्ष्मी जी का मन्त्र अवश्य ही जपना चाहिए I इससे आपको धन जमा करवाने का अधिक अवसर प्राप्त होगा I 
  • प्रत्येक शनिवार को आप दिन में 12 बजे के आस- पास अपनी लम्बाई से पाँच गुना अधिक लाल धागा लेकर जटा वाले नारियल पर लपेटकर किसी बहते जल में प्रवाहित करें I ऐसा आप सिर्फ सात बार करें तथा हाथ जोड़कर वापिस आ जाएं I पीछे मुड़कर न देखें I कुछ ही समय में आप आर्थिक क्षेत्र में सुखद परिवर्तन देखेंगे I 
  • बुधवार को किसी को भी धन उधार न दें I 
  • किसी भी धर्मस्थल में आपको कोई सिक्का मिले तो उसे आप बिना झिझक के लेलें I उसको धन रखने के स्थान पर लाल अथवा पीले रेशमी वस्त्र में बांधकर रख दें I

अध्ययनरत बच्चों के लिए उपाय


  • अध्ययन करने वाले बच्चे सदैव पूर्वमुखी होकर ही अध्ययन करें I परीक्षा के समय उत्तरमुखी होकर अध्ययन कर सकते हैं I इससे इनकी स्मरणशक्ति अच्छी होने के साथ ही विषय अच्छी तरह याद रहता है I
  • यदि कोई बच्चा बार- बार किसी परीक्षा में असफल हो रहा हो तो वह श्री सरस्वती जयंती पर भोजपत्र पर अष्टगंध में गंगाजल मिला कर निम्न मन्त्र को लिखकर अपने सामने माँ सरस्वती कि तस्वीर रखकर 108 बार निम्न मन्त्र का जाप करे I फिर भोजपत्र को चांदी के ताबीज में बांधकर अपने दायें हाथ में अथवा गले में बांध ले I अब जब भी अध्ययन आरम्भ करे तो इस मन्त्र का एक बार मानसिक जाप अवश्य करे I कुछ ही दिनों में चमत्कार सामने होगा I

मन्त्र- "ॐ सरस्वती वाग्वादिनी काश्मीरवासिनी हंस वाहिनी बहु बुद्धिधायिनी मम जिव्हा ग्रहे स्थिर भव स्वाहा:"

  • रविवार को जल में रोली, शक्कर व गुलाब का पुष्प डालकर सूर्य देव को अर्पित करें तथा किसी लाल वस्तु को दान करें I मंदिर में माचिस का जोड़ा अर्पित करने के साथ भोजन नमक रहित करें I
  • गुरुवार को सूर्यास्त से ठीक पहले किसी दोने में पाँच अलग- अलग मिठाई तथा हरी इलायची का जोड़ा पीपल के वृक्ष के नीचे अर्पित करें I ऐसा लगातार तीन गुरुवार को करें I
  • विद्यार्थी अपने अध्ययन कक्ष में माँ सरस्वती कि तस्वीर अवश्य लगायें तथा नियमित अध्ययन से पहले तस्वीर पर तीन अगरबत्ती अर्पित अवश्य करें I
  • यदि किसी बच्चे को कोई विषय याद करने में कोई समस्या आ रही है तो वह उस विषय को आपनी जिह्वा (जीभ) को तालू से लगाकर याद करें, उसे तुरंत याद हो जाएगा I
  • जिन बच्चों कि स्मरण शक्ति कमजोर हो उनको नियमित रूप से 11 तुलसी के पत्तों का रस मिश्री के साथ देने से स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है I
  • जो बच्चे पढ़ते समय शीघ्र ही सोने लगते हैं अथवा मन भटकने के कारण अध्ययन नहीं कर पाते हैं तो उनके अध्ययन कक्ष में हरे रंग के पर्दे लगवाएं I जब भी अध्ययन के लिए बैठें तब वह सरस्वती का ध्यान कर 21 बार- " ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" का जाप करें I
  • शुक्लपक्ष में प्रथम रविवार को इमली के 22 पत्ते लाकर उनमें से 11 पत्ते सूर्यदेव को अर्पित कर शेष बचे पत्ते अपने किसी भी पुस्तक में रखने से पढाई में अधिक मन लगता है I
  • प्रात: सूर्योदय के समय बाल गीले कर सूर्य के समक्ष हाथ फैलाकर 21 गायत्री मन्त्र का जाप करें I मन्त्र के बाद तीन बार "ॐ" का उच्चारण करें, फिर 11 बार पुन: गायत्री मन्त्र का उच्चारण कर हथेलियों को आपस में रगड़ कर अपने मुख पर फिरायें I इस प्रयोग से बच्चे की स्मरण शक्ति में वृद्धि होगी I यदि बच्चा नियमित रूप से यह प्रयोग करता है तो उसे परीक्षा उत्तीर्ण करने में आसानी होगी I

आत्मबल एवं उन्नति के उपाय


  1. कई लोग ऐसे होते हैं जिनमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं होती है फिर भी वह लोग अज्ञात कारणों से हिन् भावना से ग्रस्त होते हैं I ऐसे लोग हाथ आये मौके भी छोड़ देते हैं जिस कारण उन्हें कई प्रकार की हानि होती है I इस प्रकार के लोग अपने निवास स्थान में दक्षिणावर्ती शंख की स्थापना कर नित्य दर्शन करें तथा 11 बार निम्न मन्त्र का जाप करें - "ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ब्लूं दक्षिणमुखाय समुन्द्रप्रभाव शंखाय नमः " I इस उपाय से व्यक्ति में आत्मबल की वृद्धि के साथ झिझक भी खुलती है I 
  2. उपरोक्त प्रयोग से व्यक्ति अपने व्यवसाय में भी उन्नति करता है साथ लोग उसकी बात भी सुनते हैं अर्थात वह अपनी बातों से लोगों को चमत्कृत कर देता है I
  3. यदि किसी को ऐसा लगे की वह बाहर अन्य लोगों के सामने बोलने में हिचकिचाता है तो वह रोज सोते समय फिटकरी के चूरे से दांत साफ़ करे I बुधवार को गाय को हरी घांस खिलाएं I यदि किसी बुधवार को कोई हिजड़ा मिल जाये तो उसे कुछ रूपये अवश्य दें I यदि आर्थिक रूप से सक्षम होँ तो उसे सुहाग सामग्री अपने हाथ से दान करें I
  4. वृद्धों का सदैव सम्मान करें I रविवार को लाल बैल को गुड व गेहूँ खिलाएं I यदि समस्या अधिक गंभीर हो तो लाल बैल का खिलौना मंदिर में रखें, ऐसा लगातार तीन रविवार करें I
  5. लोग ऐसा महसूस करते हैं की बाहर अथवा अपने घर के लोग उनकी बात सुनते नहीं हैं I उस व्यक्ति को नियमित रूप से जल में गुड मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य निम्न मन्त्र के साथ देना चाहिए - " ॐ घृणि सूर्याय नमः " I

रोग ठीक न होने या दवा कार्य न करने पर उपाय


  • किसी रोग की कोई भी दवा जब आरम्भ करें तो उस दवा को प्रथम बार किसी शिव मंदिर में अर्पित कर भगवन शिव से अपने रोगी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर दवा आरम्भ करें I इस उपाय से दवा रामबाण का काम करती है I 
  • सामान्य रोगी के लिए आप उसके पीने वाले जल में कुछ मात्रा गंगाजल की मिला दें, लाभ होगा I 
  • रोगी जिस शैय्या पर सोता है उस पलंग के पाये में चांदी के तार में एक अभिमंत्रित गोमती चक्र को बांध दें I फिर देखें की रोगी कितनी जल्दी स्वस्थ होता है I 
  • यह प्रयोग भी बहुत प्रभावी है I इसके लिए आप भगवान धन्वन्तरी की तस्वीर की व्यवस्था करें तथा विधि से पूजन कर तांबे के पात्र में जल रखकर निम्न मन्त्र का 1100 बार जाप करते हुए जल में फूंक दें I जल को आप रोगी को पिलाएं I 

मन्त्र- " अच्युदानंदा गोविन्दा विष्णो नारायणामृता I

         रोगान्मे नाशयाशेषा ना सु धनवंतरे हरे" II 

  • किसी भी प्रकार के रोग में कोई भी दवाई चल रही हो परन्तु फिर भी रोगी ठीक न हो रहा हो तो आप स्वयं या किसी ब्राह्मण के द्वारा भगवान शिव के मंदिर में बैठकर अपने सामने तांबे के पात्र में जल भरें तथा फिर कम से कम 5 माला श्री महामृत्युंजय मन्त्र का जाप करें I प्रत्येक माला के बाद उस जल में प्रभु का नाम लेकर फूंक दे I फिर उस जल को आप रोगी को दिन में तीन बार पिलाएं I रोगी आश्चर्यजनक रूप से स्वस्थ होगा I जब रोगी स्वस्थ हो जाये तो आप भगवान शिव के नाम पर कुछ करना न भूलें I 
  • रोगी को आप जो जल दें उस जल के अतिरिक्त किसी तांबे के पात्र में 101 बूंद गंगाजल मिलाकर साथ ही "श्री राम रक्षा स्त्रोत" का पृष्ठ डुबो दें फिर उस जल को रोगी को पिलाएं I अवश्य लाभ मिलेगा I यह ध्यान रखें की कागज की जो लुगदी बन गई हो उसे भी शुद्ध जल में ही प्रवाहित करें I

बच्चों की समस्याओं के उपाय


  • दूध न पचने पर : किसी बच्चे को दूध न पचता हो अथवा व माँ का दूध पिटे ही उलट देता हो तो आप शनिवार को सवा सौ ग्राम कच्चा दूध लेकर बच्चे के ऊपर से सात बार उसार कर वह दूध किसी काले कुत्ते को पिला दें I
  • बच्चे को अंधेरे में भय लगता हो बच्चे को अंधेरे में भय लगता हो अथवा कहीं अकेले में जाने में घबराता हो तो आप शुक्ल पक्ष के मंगलवार को श्री हनुमान चालीसा की छोटी से छोटी पुस्तक की व्यवस्था कर उस पुस्तक को हनुमान जी को अर्पित कर उनके दायें कंधे के सिंदूर से तिलक कर बच्चे को सामने लाल आसन पर बिठा कर उस पुस्तक में से श्री हनुमान चालीसा का पाठ 11 बार करें I उस पुस्तक को छोटा रूप देकर किसी तांबे के ताबीज में रखकर बच्चे को धारण करवा दें, इससे भय दूर होगा I
  • नजर जल्दी लगती हो : किसी बच्चे को जल्दी- जल्दी नजर लगती हो तो आप मंगलवार को बच्चे को सामने बिठा कर श्री हनुमान बाहुक का 5 बार पाठ करें I प्रत्येक पाठ के बाद आप उस पर फूंक मारें I एक तांबे का कड़ा लेकर प्रभु के चरणों में अर्पित कर उसके दायें हाथ में धारण करवा दें I
  • बच्चा जल्दी- जल्दी बीमार होता हो : शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को आप बच्चे के दायें हाथ का अष्ट धातु का कड़ा बनवाकर लायें और श्री हनुमान जी के चरणों में रख दें I शनिवार को आप हनुमान जी के दायें चरण का सिंदूर कड़े पर लगाकर एक बार पंचमुखी श्री हनुमंत कवच के साथ, एक बार बजरंग बाण, एक बार हनुमान बाहुक तथा 11 बार श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें और कड़े को प्रभु के चरणों से स्पर्श करवाकर अपने बच्चे को बुरी नजर व बार- बार होने वाली बीमारी से मुक्त करने का निवेदन कर बच्चे को धारण करवा दें I
  • नींद में मूत्र त्याग : आपका बच्चा यदि सोते समय मूत्र त्याग करता हो तो शमशान से थोड़ी सी मिट्टी लाकर किसी चांदी के छोटे से पात्र में रखकर बच्चे के हाथ से पीपल के नीचे दबवा दें I बच्चा सोते समय मूत्र त्याग बंद कर देगा I
  • कई बच्चे ऐसे होते हैं जो सोते- सोते अचानक डर से हिल जाते हैं, ऐसे बच्चों के सिरहाने यदि मोरपंख रख दिया जाये तो उनका डरना बंद हो जाता है I
  • किसी बच्चे के दांत निकलने में समस्या दे रहे होँ तो उसके गले में मछली का दांत अथवा सात सीपी की माला धारण करवा दें I दांत आसानी से निकल आयेंगे I
  • किसी बच्चे के गोरे रंग के कारण बार- बार नजर लगती हो तो उसके गले में पारद गुटिका धारण करवा दें I
  • कोई बच्चा यदि अधिक शैतानी करता है तो उसके गले में चाँदी के चन्द्र में मूनस्टोन अथवा मोती जड़वाकर धारण करवा दें, बच्चा शैतानी करना कम कर देगा I
  • कभी- कभी कोई बच्चा बिना बात के रोता ही रहता है I कारण का भी पता नहीं चलता है I कभी किसी बच्चे को बुखार आ जाता है I इसके निवारण के लिए आप किसी कागज में थोड़ी सी गंधक, नमक, आटे में निकलने वाली चोकर, सात लाल साबुत मिर्च व झाड़ू की सींख का तिनका बांध कर बच्चे की पीठ चूल्हे की ओर करवा कर उस पर से सात बार उसार कर उसकी दोनों टाँगों के बीच से निकल कर फेंक दें I समस्या का समाधान हो जाएगा I

व्यवसाय वृद्धि के उपाय


  • यदि आपका व्यवसाय नया है और गति नहीं पकड़ पा रहा है तो आप किसी शुभ समय में नए लाल वस्त्र पर 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र के साथ तीन लघु नारियल को रखकर रुद्राक्ष की माला से "ऐं क्लीं श्रीं" की 11 माला जपकर लाल वस्त्र को पोटली का रूप देकर मुख्यद्वार पर अन्दर की ओर थोड़ी ऊँचाई पर लटका दें I
  • आप किसी पीले वस्त्र में सात अभिमंत्रित गोमती चक्र, तीन लघु नारियल व एक मोती शंख में चाँदी का सिक्का रखकर "ऐं ह्रीं श्रींक्लीं" मन्त्र का एक माला का जाप करते हुए थोड़े- थोड़े चावल शंख में डालते जाये I माला पूर्ण होने तक शंख चावल से भर जाना चाहिए I इसके बाद आप सारी सामग्री को वस्त्र में बांधकर उप्रोक्य विधि से मुख्यद्वार पर टांग दें I
  • कई बार व्यवसाय में ऐसा होता है कि किसी ऐसे व्यक्ति को पैसा दिया जाता है जिसके बाद तिजोरी में पैसा रुकता नहीं है I इसके लिए आप किसी शुभ समय में लाल वस्त्र पर तीन अभिमंत्रित गोमती चक्र पाँच धनकारक कौड़ियाँ व एक मोती शंख रखें I मोती शंख में आप एक चाँदी का सिक्का रखें I फिर माँ लक्ष्मी का स्मरण करते हुए "श्रीं" का मानसिक जाप करते हुए थोड़े- थोड़े साबुत चावल शंख में डालते जाये I शंख चावल से भर जाने पर माँ लक्ष्मी से अपने धन कि रक्षा का निवेदन करते हुए सारी सामग्री को वस्त्र में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दें इआपके द्वारा जो व्यर्थ का धन जा रहा था वह रुक कर आय के नए मार्ग प्रशस्त होंगे I
  • आप अपने व्यवसाय को यदि गति नहीं दे पा रहे हैं तो आप किसी शुभ समय में एक दक्षिणावर्ती शंख को० विधि- विधान से शुद्ध कर उसमें केसर व अष्टगंध मिश्रित जल भर कर कमलगट्टे कि माला से निम्न मन्त्र कि 11 माला जाप करें- "ॐ ऐं श्रीं सर्वकार्यसिद्धि कुरु कुरु स्वाहा" I जाप के बाद हाथ जोड़ कर उठ जाएं I आप अपने व्यवसाय पर जाने से पहले शंख के दर्शन अवश्य करें I
  • आप किसी शुभ समय (दीपावली, होली अथवा ग्रहणकाल) में शुभ- लाभ व्यापार वृद्धि यंत्र लेकर अपने व्यवसाय स्थल पर पूर्वमुखी होकर बैठें I थोड़ी सी नागकेसर के साथ केसर का चूर्ण बना लें I लेप को यंत्र में बने शुभ- लाभ के ऊपर लगा दें I उसके सूखने तक "ॐ नमो नारायणाय" का जाप करें I प्रण लें कि आपके पास आने वाले प्रथम ग्राहक के द्वारा बिके सामान के लाभ में से कुछ रूपये ईश्वर और कुछ गरीब को अवश्य देंगे, फिर भले ही यह मात्रा एक- दो रूपये कि ही क्यों न हो I जब यह सूख जाये तो आप इसको अपने उस स्तन पर पूर्व अथवा पश्चिम मुख कर टांगें I आप इसको फ्रेम भी करवा सकते हैं I आप जब अपने व्यवसाय स्थल पर आयें तो यंत्र के दर्शन करके ही अन्य कार्य आरम्भ करें I कुछ ही दिन में आप चमत्कार महसूस करेंगे I

रोजगार प्राप्त करने के उपाय


  • किसी शुभ समय में आप पीले वस्त्र धारण कर पश्चिम की ओर मुख पर पट्टे पर चने की दाल की ढेरी बनाकर उस पर तांबे के कलश में जल भरकर उसके ऊपर एक कटोरी रखें I उसमें एक पारद मोती, सात अभिमंत्रित धनकारक कोड़ियां, एक चेटक हकीक, एक मोती शंख व तीन तीन लघु नारियल रखें I हकीक माला से 11 माला जाप "ॐ श्रीं श्रीं क्लीं ग्लौ गं गणपतयै वर वरदये मम नमः" करें I जाप के बाद कलश के जल को तुलसी के वृक्ष में अर्पित कर दें और अन्य सामग्री को पीले वस्त्र में बांध कर किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें I कुछ ही समय में आप चमत्कार देखेंगे I 
  • शुक्लपक्ष के प्रथम रविवार से आप यह उपाय आरम्भ करें I सूर्योदय काल में सिर गीला कर 11 माला माँ गायत्री मन्त्र का जाप करें I यह आप लगातार 40 दिन तक करें I आपने जितनी भावना से यह उपाय किया है, फल भी उतनी ही शक्ति से मिलेगा I 
  • जब घर का कोई सदस्य इंटरव्यू देने जाये तो उसे दही को शक्कर के साथ खिला कर विदा करें I जब वह मुख्यद्वार पर हो तो उस पार साबुत मूँग के दाने फेंके I यदि कुछ दाने सिर पर रह जाएं तो उन्हें निकलें नहीं I जब वह चला जाये तो दानों को झाड़ू से एकत्रित कर बाहर फेंक दें I 
  • आपको यदि रोजगार नहीं मिल रहा है तो आप किसी शुभ समय में श्री राम दरबार की तस्वीर के समक्ष बैठ कर मोटी धूप और इतने घी का दीपक अर्पित करें कि वह कम से कम तीन घंटे चल जाये I अब आप इस मन्त्र- "विश्व भरण पोषण कर जोई I ताकर नाम भरत अस होई" का 1001 बार जाप करें I जाप पूर्ण होने के बाद किसी गाय को हरी घास खिला दें I कुछ ही समय में प्रभाव दिखाई देने लगेगा I यदि आप काफी समय से बेरोजगार हैं तो इस प्रयोग को लगातार 21 दिन तक करें I इसमें आपको अवश्य रोजगार मिलेगा I 
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  • शुक्लपक्ष के प्रथम मंगलवार को आप किसी सिद्ध दक्षिणामुखी हनुमानजी के मंदिर में सिन्दूर तथा चोला अर्पित कर रामनामी भी अर्पित करें I फिर 108 परिक्रमा लगायें I प्रत्येक परिक्रमा में चालीसा का पाठ करें I तत्पश्चात उनके चरणों में ही बैठ कर तीन- तीन बार श्री हनुमाष्टक, बजरंग बाण तथा श्री हनुमान बाहुक का पाठ कर लाल मूंगे की माला से मन्त्र "कवन सो काज कठिन जग माही I जो नहीं होई तात तुम्ह पाही" का 11 माला जाप करें तथा साष्टांग दंडवत होकर अपने रोजगार का निवेदन करें I कुछ ही समय में प्रभु की कृपा से आपको रोजगार अवश्य प्राप्त होगा I

कार्य सिद्धि के उपाय


  1. किसी शुभ समय में आप अभिमंत्रित "कार्य सिद्धि यंत्र" लें अथवा सवा लाख मंत्रों से स्वयं या ब्राह्मण से अभिमंत्रित करवाएं I फिर अपनी इच्छा को सफेद कागज पर लाल चन्दन से लिखकर 11 अगरबत्ती से उसको उसरें व कार्य सिद्ध होने पर कोई कार्य प्रभु के नाम पर करने का प्रण लें I कागज की चार तह बनाकर यंत्र के नीचे रख दें तथा नियमित रूप से पाँच चन्दन की अगरबत्ती हाथ में लेकर अपनी इच्छा को यंत्र के सामने 21 बार दोहराएं I अगरबत्ती को मुख्यद्वार पर लगा दें I कुछ ही दिनों में आपका कार्य सिद्ध हो जाएगा I 
  2. किसी शुभ समय में आप 9 गुणित 9 का अष्टधातु का पिरामिड लेकर किसी शुद्ध स्थान पर अथवा अपने पूजा स्थल पर रखें I अपनी इच्छानुसार कागज का प्रयोग करें यथा आर्थिक लाभ के लिए पीला, प्रेम के लिए सफेद, शत्रु हानि के लिए लाल तथा अन्य कार्य के लिए नीले का प्रयोग करें I कागज चौकोर होना चाहिए I कार्यानुसार रंग के कागज पर लाल चन्दन से अपनी इच्छा लिखकर कागज पर गुग्गुल की धूप व चन्दन की अगरबत्ती से धुआँ देकर पिरामिड के नीचे दबा दें I फिर पाँच अगरबत्ती लेकर पुन: अपनी इच्छा को 11 बार दोहराएं I फिर शत्रु नाश के लिए भूमि पार, प्रेम के लिए शयनकक्ष में, आर्थिक लाभ के लिए किसी शुभ स्थान पर तथा अन्य कार्य के लिए मुख्यद्वार पर उन अगरबत्ती को लगा दें I फिर नियमित रूप से इसी प्रकार से 11 बार अपनी इच्छा दोहराएं I कुछ ही समय में आपकी इच्छा पूर्ण ही जाएगी I 
  3. आपके घर में यदि तुलसी का पौधा है तो आप यह उपाय आसानी से कर सकते हैं, इस उपाय में आप किसी शुभ समय में 31  सिक्के एक रूपये के, 20 सिक्के दो रूपये के, 10 सिक्के पाँच रूपये के तथा एक चवन्नी, इन सबको आप तुलसी के गमले की मिट्टी में दबा दें और एक तुलसी की माला को अर्पित कर धूप- दीप से पूजन करें I जल अर्पित करनें के बाद अपने कार्य को सिद्ध करने का निवेदन करें तथा 11 परिक्रमा लगायें I इसके बाद आप नियमित रूप से पूजन करें I जब आपका कार्य सिद्ध हो जाये उस दिन सारे रूपये निकल कर सफेद प्रसाद लेकर 9 वर्ष से कम आयु की कन्याओं को दें तथा माला किसी ब्राह्मण को दे दें I कार्य सिद्ध होगा I

कर्ज मुक्ति के उपाय


  1. यदि आपने कर्ज लेकर मकान का निर्माण करवाया है तो मकान में प्रवेश से पहले वास्तु पूजन अवश्य करवाएं I इसके पश्चात् विधि- विधान से ही गृह प्रवेश करें I गृह प्रवेश के समय अपने इष्टदेव की तस्वीर लेकर घर में प्रवेश करें तथा सर्वप्रथम तस्वीर को पूजा स्थल में स्थान दें I इसके पश्चात् किसी कन्या से मुख्यद्वार के दोनों ओर स्वास्तिक का चिन्ह हल्दी से बनवाएं I ऐसा करने से आपके द्वारा मकान के लिए लिया गया कर्ज सहजता से चुकता होता रहेगा I 
  2. जब भी आप किसी भी प्रकार के कर्ज की प्रथम किस्त का भुगतान करें तो उस दिन श्री हनुमान जी के नाम से दो गरीबों को अवश्य भोजन करावें I 
  3. यदि आप किसी प्रकार के व्यवसाय के लिए ऋण लेना चाहते हैं तो सर्वप्रथम किसी विद्वान ज्योतिषी को अपनी जन्मपत्रिका अवश दिखायें I आपकी पत्रिका में व्यवसाय योग है अथवा नहीं इसके बारे में जानकारी प्राप्त हो जाएगी तथा यह भी जानकारी प्राप्त होगी कि आप इसमें सफल होंगे अथवा नहीं, यदि आपकी पत्रिका में व्यवसाय योग नहीं है तो आप कर्ज लेकर भी व्यवसाय करेंगे तो असफल ही रहेंगे I यदि आपकी पत्रिका में व्यवसाय योग है तो आपको कर्ज मिलने में भी सुविधा रहेगी तथा कर्ज से मुक्ति भी सहजता से प्राप्त होगी I

शीघ्र विवाह एवं विवाह में रूकावट दूर करने के उपाय


  • विवाह योग्य लोगों को प्रत्येक गुरुवार को नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर स्नान करना चाहिए I 
  • यदि ऐसे लोग गुरुवार को गाय को भोग अर्थात दो आटे के पेड़े पर थोड़ी हल्दी लगाकर, थोडा गुड़ तथा चने कि गीली दाल का भोग देना चाहिए I 
  • भूलकर भी वृद्धों का असम्मान न करें I वृद्ध व्यक्तियों का यथा सामर्थ्य सम्मान एवं मदद करें I 
  • गुरुवार कि शाम को पाँच प्रकार कि मिठाई के साथ हरी इलायची का जोड़ा तथा शुद्ध घी के दीपक के साथ जल अर्पित करना चाहिए I यह प्रयोग शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार से करना चाहिए I यह लगातार तीन गुरुवार करना चाहिए I 
  • गुरुवार को केले के वृक्ष के समक्ष गुरु के 108 नामों के उच्चारण के साथ शुद्ध घी का दीपक तथा जल अर्पित करना चाहिए I 
  • यदि किसी कन्या की पत्रिका में मंगली योग होने के कारण विवाह में बाधा आ रही हो तो वह कन्या मंगल चंडिका स्तोत्र का मंगलवार तथा शनिवार को सुन्दरकाण्ड का पाठ करे I इससे भी विवाह बाधा दूर होती है I 
  • यह प्रयोग स्त्री वर्ग के लिए ही है, विशेषकर आयु होने के बाद भी विवाह होने में बाधा आने से मुक्ति के लिए है I शुक्रवार की रात्रि में आठ सूखे छुआरे जल में उबालकर जल के साथ ही अपने सोने वाले स्थान पर सिरहाने रख कर सोयें तथा शनिवार को परत: स्नान करने के बाद किसी भी बहते जल में प्रवाहित कर दें I यह प्रयोग भी चमत्कारी है I 
  • यह प्रयोग भी सिर्फ कन्या वर्ग के लिए है I इस प्रयोग के लिए किसी भी शुक्ल पक्ष की प्रथमा तिथि को प्रात:काल में स्नान से निवृत होने के बाद श्रीराम व सीता के संयुक्त चित्र का षोडषोपचार पूजन के पश्चात् चित्र के सामने बैठ जायें I फिर निम्न चौपाई का 108 बार पाठ करें I यह उपाय लगातार 40 दिन तक करना है I कन्या वर्ग को उनके अस्वस्थ दिनों की छूट होती है, इसलिए जब तक पुन: शुद्ध न हो जायें तब तक इस प्रयोग को रोक देना चाहिए I शुद्ध होने पर पुन: आरम्भ करें I अशुद्ध होने से पहले तथा शुद्ध होने बाद के दिनों को मिलाकर ही दिनों की गिनती होगी I प्रभु की कृपा से 40 दिनों में ही रिश्ता हो जाता है I 
                     चौपाई - सुनु सिय सत्य असीम हमारी I पुजहि मनकामना तुम्हारी II
 
  • शीघ्र विवाह के लिए सोमवार को 1200 ग्राम चने की डाल व सवा लिटर कच्चा दूध दान करें I जब तक विवाह न हो, तब तक यह प्रयोग करते रहना है I इस प्रयोग में आपका विवाह योग होना आवश्यक है I 
  • यह उपाय सिर्फ कन्या वर्ग के लिए है I इस उपाय में किसी भी शुक्लपक्ष के प्रथम सोमवार से भगवान शिव के नाम से सात व्रत का संकल्प लेकर व्रत आरम्भ करें I कन्या श्वेतार्क के वृक्ष के पास जाकर धूप- दीप अर्पित कर जल आचमन कर आठ पत्ते तोड़कर लाये I सात पत्तों की तो पत्तल बनाये तथा आठवें पत्ते पर कन्या अपना नाम लिखकर भगवन शिव को अर्पित करे I व्रत का भोजन सात पत्तों की पत्तल पर ही करें तथा व्रत पूर्ण होने के बाद श्वेतार्क के पुष्प भगवान आशुतोष को अर्पित करें I विवाह के बाद कन्या अपने पाती के साथ जाकर 108 श्वेतार्क के पुष्प की माला बनाकर भगवान शिप को अवश्य अर्पित करें I 
  • कन्या जब किसी कन्या के विवाह में जाये और यदि वहां पर कन्या को मेहन्दी लग रही हो तो अविवाहित कन्या कुछ मेहन्दी उस कन्या के हाथ से लगवा ले तो विवाह का मार्ग प्रशस्त होता है I 
  • कन्या सफेद खरगोश को पाले तथा अपने हाथ से ही उसे भोजन के रूप में कुछ दे I यदि विवाह में बुध रूकावट दे रहा हो तो कन्या खरगोश को हरी घास खिलाये I 
  • कन्या के विवाह की चर्चा करने उसके घर के लोग जब भी किसी के यहाँ जायें तो कन्या खुले बालों से, लाल वस्त्र धारण कर हँसते हुए उन्हें कोई मिष्ठान खिला कर विदा करे I विवाह की चर्चा सफल होगी I 
  • पूर्णिमा को वटवृक्ष की 108 परिक्रमा देने से भी विवाह बाधा दूर होती है I गुरुवार को वट, पीपल, केले के वृक्ष पर जल अर्पित करने से विवाह बाधा दूर होकर शीघ्र विवाह का योग बनता है I 
  • आयु होने के बाद भी यदि किसी कन्या का विवाह नहीं हो रहा है तो वह कन्या यदि किसी ऐसी कन्या के विवाह के वस्त्र धारण कर ले जिसका विवाह हो रहा हो तो उसके विवाह का योग भी शीघ्र ही निर्मित होता है I
  • यदि किसी कन्या का बहुत प्रयास के बाद भी विवाह न हो रहा हो तो वह किसी भी शुक्लपक्ष के प्रथम गुरुवार को अभिमंत्रित श्री गुरु यंत्र को केले के वृक्ष में स्थान देकर सात गुरुवार के मीठे व्रत का संकल्प लेकर व्रत आरम्भ करना चाहिए I श्री गुरु स्तोत्र के साथ गुरु के 108 नामों का उच्चारण करना चाहिए I साथ ही हरिद्रा माला से गुरु के किसी भी मंत्र का जाप करें I गाय को भोग अवश्य दें I साथ ही संध्याकाळ में दीप अर्पित करें I कुछ ही समय में विवाह की चर्चा चलने का योग निर्मित होगा I


किसी भी कठिन समस्या से उभरने के लिए कोई आपको बता दें कोई युक्ति या विधि उसका नाम है उपाय, उपायों के द्वारा प्रकृति प्रदत्त या अपने अशुभ कर्मों से प्राप्त हुए दुःख, संकट, रूकावट को दूर करके चुटकियों में कार्यसिद्धि संभव है I हर दुःख की घडी में आपका साथी है उपाय, आज की इस भागदौड़, आपाधापी, आर्थिक अस्थिरता, रोगयुक्त जीवन में पल- पल आवश्यकता है उपाय की I आईये आप किसी भी संकट की घडी में, किसी भी कार्यपूर्ति के लिए, किसी भी इच्छा को लेकर कहीं भी खड़े होँ पाइये एक सरल सा उपाय, वो भी मात्र एक फोनकाल से, शुल्क भी कार्य सिद्धि के बाद.......... पलक झपकते ही अपनी समस्या का पाइये एक आसन सा उपाय...... वो भी मात्र एक फोनकाल में Dial 09813555333 (शुल्क मात्र Rs.10/- प्रति उपाय)